रविवार, 4 दिसंबर 2011

जिंदगी

इस जिस्म का हर कतरा है तेरे लिए
इस जिंदगी का हर लम्हा है तेरे लिए
मेरा दिल कोई राजमहल तो नहीं, पर
इसका हर कोना है तेरे लिए.

ख्वाबों का दरिया रुकने का नाम नहीं लेता
तनहाइयों का साया साथ छोडने का नाम नहीं लेता
उफ़ ये जिंदगी  भी क्या है दोस्त
दुःख  का दरिया  सूखने का नाम नहीं लेता.

लाया था  जो मुझको इस दुनिया के चमन में
खुद  छोड़ कर चला गया तारों के गगन में
न तू रही   तेरे  प्यार का आँचल रहा
बस तेरी तस्वीर रह गयी है नयन में.

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